एक बार की बात है एक गांव में एक खँडहर मकान था जिस में एक चूहा आराम से एक बिल में रहता था |
चूहा रोज आसपास के घरों में से जाकर थोड़ा-थोड़ा कर के अपना पेट भरता फिर शाम को वापस अपने बिल में लौट आता |
चूंकि उसका जीवन आसानी से कट रहा था सो उसे जितना मिलता वह उतने में ही खुश रहता |
एक दिन इसी मकान को एक किसान ने अच्छे दामों में खरीद लिया और अपना बैल इसी मकान में बाँधने लगा |



