एक बार की बात है, दूर के एक राज्य फारस से एक जादूगर राजा अकबर के दरबार में पहुँचा |
दरअसल फारस के राजा ने राजा अकबर के बुद्धि-कौशल को जांचने के लिए ही अपने एक दूत को जादूगर बनाकर भेजा था |
राजा के दरबार में पहुंचकर उसने राजा को प्रणाम किया और राजा के सामने अपनी कला का प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी |
अकबर ने हामी भर दी और अपने सभी मंत्री और सेवकों को भी दरबार में बुला लिया ताकि वह भी जादू देख सकें |
उस जादूगर ने तरह-तरह के जादू दिखाकर राजा अकबर के साथ-साथ बाकी सब का भी मन मोह लिया |

