एक बार की बात है टुणकपुर नाम के एक छोटे से गांव में मनोज नाम का एक गडरिया रहा करता था | उसके पास पूरे गांव में सबसे ज्यादा भेड़ें थीं जिन्हें वह रोज गांव के पास की पहाड़ी पर चराने के लिए ले जाया करता था |
वह रोज सुबह भेड़ों को पहाड़ी पर ले जाता और पूरे दिन उन्हें चराने के बाद सीधा शाम को ही घर वापस आता |
